वाराणसी, 20 जून।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 12वें संस्करण (21 जून) को भव्य और व्यापक स्वरूप प्रदान करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) काशी क्षेत्र ने अपनी सभी सांगठनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस विशेष दिवस पर पार्टी के काशी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समस्त सांगठनिक ढांचों में वृहद योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्रीय व प्रांतीय मंत्री, सांसद, विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, प्रबुद्ध वर्ग और आम नागरिक बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे। भाजपा के केंद्रीय और शीर्ष नेतृत्व से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर इस बार योग दिवस के अवसर पर प्रत्येक मंडल स्तर पर भव्य योग शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है।
भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने शनिवार को इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि योग हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति की एक अत्यंत अमूल्य धरोहर है, जिसे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भगीरथ प्रयासों के कारण आज संपूर्ण वैश्विक पटल पर एक नई और मजबूत पहचान हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व योग की महत्ता को स्वीकार करते हुए इसे एक स्वस्थ, निरोगी और संतुलित जीवन का मुख्य आधार मान रहा है। भारतीय सनातन दर्शन के लोक कल्याणकारी संदेश "सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः" को योग के माध्यम से ही विश्वभर में प्रसारित करने का एक महान कार्य हुआ है।
दिलीप पटेल ने ऐतिहासिक संदर्भों को रेखांकित करते हुए आगे कहा कि 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का ऐतिहासिक प्रस्ताव रखे जाने के बाद बेहद रिकॉर्ड समय में इसे वैश्विक स्वीकृति प्राप्त हुई थी। तभी से हर वर्ष 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में बेहद उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। वर्तमान समय में योग सिर्फ भारत की पारंपरिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब एक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का विराट रूप धारण कर चुका है।
उन्होंने कार्यक्रमों की सांगठनिक रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि काशी क्षेत्र के सभी 16 संगठनात्मक जिलों और 71 विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले कुल 337 मंडलों में योग दिवस के विभिन्न कार्यक्रम पूरी भव्यता के साथ आयोजित किए जाएंगे। सफल संचालन के लिए सभी चिन्हित मंडलों में योग्य कार्यक्रम संयोजकों की नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी हैं और जमीनी स्तर पर आयोजन से जुड़ी समस्त तैयारियां पूरी तरह से पूर्ण हैं।
















