कोलकाता, 20 जून।
पश्चिम बंगाल के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर राज्यपाल ने समस्त प्रदेशवासियों को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। राजभवन से जारी अपने विशेष संदेश में उन्होंने बंगाल की गौरवशाली, समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और अनूठी बौद्धिक विरासत को आदरपूर्वक नमन किया। उन्होंने देश के इतिहास को याद करते हुए विशेष रूप से रेखांकित किया कि बंगाल की इस पावन भूमि ने भारतवर्ष की महान सभ्यतागत यात्रा को एक नई दिशा देने में सदैव एक अत्यंत ऐतिहासिक और मार्गदर्शक भूमिका निभाई है।
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल दिवस केवल राज्य के औपचारिक गठन का उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उस महान और अद्वितीय विरासत को स्मरण करने का पावन दिन है जिसने भारत के राष्ट्रीय जीवन और चेतना को बहुत गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने देश के महापुरुषों को याद करते हुए स्वामी विवेकानंद के राष्ट्रीय जागरण के उस ऐतिहासिक आह्वान, ऋषि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के अमर और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व का मुख्य रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के दृढ़ और निर्णायक प्रयासों के कारण ही पश्चिम बंगाल विषम परिस्थितियों में भी भारत का एक अटूट और अभिन्न अंग बना रहा।
राज्यपाल ने राज्य के निर्माण के दौरान अभूतपूर्व साहस, कड़ा संघर्ष और अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी महान सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य को अपनी इन महान विभूतियों की पावन प्रेरणा और उच्च आदर्शों से सीख लेकर निरंतर उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि इन युगपुरुषों ने न केवल तत्कालीन समाज को गहराई से जाग्रत किया बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों को भी निरंतर प्रेरित कर भारत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक तथा राष्ट्रीय जीवन को हर प्रकार से समृद्ध बनाया।
अपने संदेश के अंतिम भाग में उन्होंने आह्वान किया कि बंगाल को अपनी उसी ऐतिहासिक गरिमा और नेतृत्वकारी भूमिका को पुनः स्थापित करना होगा, ताकि देश के विकसित भारत 2047 के विराट राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में यह राज्य सबसे अग्रगामी भूमिका निभा सके। उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि बंगाल की यह समृद्ध वैचारिक शक्ति और परंपरा आने वाले सुनहरे समय में भी देश के समग्र विकास में अपना अमूल्य योगदान देती रहेगी। अपने संदेश की पूर्णता पर उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के गगनभेदी उद्घोष के साथ सभी को इस विशेष दिवस की पुनः बधाई दी।
















