कोलकाता, 20 जून।
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी गहरे राजनीतिक संकट के बीच अब पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड विमान से दिल्ली यात्रा को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष तथा विद्रोही खेमे के मुखर नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय ने इस वीआईपी यात्रा और उस पर होने वाले भारी-भरकम खर्च को लेकर सार्वजनिक रूप से तीखे सवाल उठाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को अभिषेक बनर्जी लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के लिए दिल्ली रवाना हुए थे। इसी दौरान उनके द्वारा विशेष रूप से चार्टर्ड विमान का उपयोग किए जाने की खबर आते ही पार्टी के भीतर आंतरिक चर्चाएं और असंतोष काफी तेज हो गया है। टीएमसी के कई नेता और कार्यकर्ता जहां विभिन्न मामलों में गिरफ्तारी, कानूनी चुनौतियों और गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रहे हैं, वहीं अभिषेक की निजी विमान यात्राओं को लेकर अब अपनों के बीच ही असंतोष की आवाजें मुखर होने लगी हैं।
इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर इस बात की पक्की जानकारी नहीं है कि अभिषेक बनर्जी दिल्ली की यात्रा पर चार्टर्ड विमान से गए हैं या नहीं, लेकिन उन्होंने साफ किया कि यदि ऐसी यात्रा के लिए पार्टी के धन (फंड) का उपयोग किया गया है, तो वह इसका समर्थन नहीं करते हैं। घोष ने इशारों-इशारों में यह भी संकेत दिया कि वर्तमान की कठिन परिस्थितियों में पार्टी के आर्थिक संसाधनों के उपयोग को लेकर जवाबदेही और पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
दूसरी तरफ, तृणमूल के विद्रोही गुट का नेतृत्व कर रहे नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय लंबे समय से पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली, फिजूलखर्ची और खर्चों को लेकर लगातार सवाल दाग रहे हैं। हाल ही के दिनों में विद्रोही खेमे में शामिल हुईं टीएमसी की वरिष्ठ सांसद शताब्दी राय ने भी अभिषेक बनर्जी की हाई-प्रोफाइल जीवनशैली और विलासिता पर सार्वजनिक मंच से सीधी टिप्पणी की थी, जिससे पार्टी के भीतर के मतभेद खुलकर सामने आ गए थे।
उड्डयन और संगठनात्मक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले कई वर्षों से अभिषेक बनर्जी लगातार एक निजी विमानन कंपनी के चार्टर्ड जेट और वीआईपी हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को उपलब्ध कराए गए आधिकारिक विवरण के अनुसार, वर्ष 2023 में मेघालय विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सिर्फ इस विमान सेवा पर लगभग 4 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार में तृणमूल कांग्रेस ने विमान और हेलीकॉप्टर सेवाओं पर 46 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि खर्च की थी।
सूत्रों का दावा है कि हाल ही में संपन्न हुए 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी अभिषेक बनर्जी ने इसी एविएशन कंपनी के विमानों और हेलीकॉप्टरों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया था। राजनैतिक गलियारों में बताया जाता है कि चुनावी अवधि के अलावा भी वे अपनी निजी और सांगठनिक यात्राओं के लिए समय-समय पर इसी विशिष्ट चार्टर्ड सेवा का सहारा लेते हैं।
विमानन क्षेत्र (एविएशन सेक्टर) से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी द्वारा उपयोग किए जाने वाले इस विशिष्ट मॉडल के निजी जेट का सामान्य किराया ही प्रति उड़ान घंटा 4 से 5 लाख रुपये के बीच होता है। इसके अतिरिक्त, गंतव्य पर विमान के इंतजार (वेटिंग चार्ज), एयरपोर्ट पार्किंग, हैंगर शुल्क तथा अन्य परिचालन से जुड़े तकनीकी खर्च अलग से जोड़े जाते हैं, ऐसे में कोलकाता-दिल्ली-कोलकाता की महज एक राउंड ट्रिप यात्रा पर ही कई लाख रुपये खर्च होने की पूरी संभावना रहती है।
















