नई दिल्ली, 20 जून।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिमबंग दिवस के पावेन मौके पर सूबे के तमाम बाशिंदों को दिली मुबारकबाद दी है। इस खास घड़ी में उन्होंने भारतीय जनसंघ के प्रणेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पीएम ने देश की एकता के लिए उनके दिए गए अतुलनीय योगदान को कभी न भूलने वाला बताया।
अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा किए संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि साहित्य, संगीत, कला, अध्यात्म, विज्ञान और व्यापार के साथ-साथ सामाजिक सुधार जैसे अनगिनत मोर्चों पर पश्चिम बंगाल ने अपने अमूल्य योगदान से देश के गौरवशाली इतिहास को एक नया रूप दिया है। राज्य की अनूठी सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक चेतना ने हमेशा हिंदुस्तान को आगे बढ़ने की राह दिखाई है।
पीएम ने आगे जिक्र किया कि बंगाल की पावन धरा ने ऐसी महान शख्सियतों को जन्म दिया है, जिन्होंने पूरे मुल्क को वैचारिक रूप से प्रेरित किया। पुनर्जागरण काल से लेकर आजादी की लड़ाई और नए भारत के निर्माण में बंगाल की ज्ञान परंपरा हमेशा आगे रही है। यह पावन दिन उस ऐतिहासिक फैसले की याद दिलाता है, जिसकी बदौलत पश्चिम बंगाल भारत का एक अटूट हिस्सा बना रहा।
इस साल देश डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहा है। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल को भारत में अक्षुण्ण रखने और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में उनकी भूमिका सबसे अहम थी। देश की अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए किए गए उनके कार्य आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखने की सीख देते हैं।
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने और प्रगति के नए कीर्तिमान रचने के लिए काम करती रहेंगी। बुनियादी ढांचे, शिक्षा, सेहत, खेती और रोजगार के मोर्चे पर केंद्र सरकार सूबे के चौमुखी विकास के लिए संकल्पित है। उन्होंने बंगाल की तरक्की, शांति और जनता के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
















