कोलकाता, 22 जून।
तृणमूल कांग्रेस के एक बागी समूह ने संगठन में बड़े बदलाव किए जाने का दावा करते हुए पार्टी नेतृत्व को लेकर नई घोषणा की है। न्यू टाउन में आयोजित बैठक के बाद बागी नेताओं ने दावा किया कि पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को पद से हटाते हुए अरूप राय को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। साथ ही अभिषेक बनर्जी को महासचिव पद से निलंबित किए जाने का भी दावा किया गया।
बागी खेमे के अनुसार विधानसभा के बजट सत्र के बाद आयोजित बैठक में कई असंतुष्ट नेताओं और विधायकों ने भाग लिया। समूह का दावा है कि बैठक में बड़ी संख्या में विधायक और पूर्व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जहां संगठनात्मक ढांचे में व्यापक बदलाव से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में नेताओं ने पार्टी संविधान की धारा 20 का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक नियमित अंतराल पर आयोजित की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि निर्धारित अवधि के भीतर ऐसी बैठक नहीं होने के कारण संगठनात्मक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर उन्होंने पुरानी कार्यसमिति को भंग कर 30 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यसमिति गठित करने का दावा किया।
बागी नेताओं के मुताबिक नई समिति में अरूप राय को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा अरूप विश्वास, फिरहाद हकीम और रथीन घोष को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दिए जाने की घोषणा की गई है।
नई कार्यसमिति में ऋतब्रत बनर्जी, जावेद खान, संदीपन साहा और साबिना यासमीन को महासचिव बनाए जाने का दावा किया गया है। वहीं आखरुज्जमान को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की भी घोषणा की गई।
हालांकि तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक नेतृत्व की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी की तरफ से न तो बैठक में लिए गए निर्णयों की पुष्टि की गई है और न ही नई नियुक्तियों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बागी खेमे के दावों को संगठन के भीतर व्यापक समर्थन मिलता है तो इससे पार्टी में बड़ा संगठनात्मक विवाद खड़ा हो सकता है। फिलहाल सभी की नजरें पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आगे के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।















