नई दिल्ली, 22 जून।
राजधानी के जंतर-मंतर पर चल रहा सीजेपी प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अभियान प्रमुख अभिजीत दिपके के नेतृत्व में शुरू किया गया यह धरना लगातार जारी है। प्रदर्शन में शामिल लोग विभिन्न शैक्षणिक और भर्ती संबंधी मुद्दों को उठा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों को भोजन उपलब्ध कराने वाले लोगों से पुलिस आधार कार्ड और पते की जानकारी मांग रही है। हालांकि इस आरोप को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
नई दिल्ली जिला पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर किसी भी व्यक्ति से आधार कार्ड की जांच नहीं की जा रही है और न ही किसी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
धरनास्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर कुछ मिनट की देरी होने पर छात्रों को परीक्षा से वंचित कर दिया जाता है, लेकिन पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर अपेक्षित सख्ती दिखाई नहीं देती। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके अलावा प्रदर्शन में शामिल लोगों ने यूपीएसएसएससी से लंबित परिणामों को शीघ्र घोषित करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि अभ्यर्थी लंबे समय से परिणाम जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
इसी बीच भारतीय किसान यूनियन के चारुनी गुट ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। संगठन ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध के बीच प्रदर्शनकारियों की मांगों के प्रति एकजुटता जताई है।














