भोपाल, 22 जून।
मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर हलचल तेज हो गई है। 25 जून को प्रस्तावित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में कुल 9 रिक्त पदों के लिए 27 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। बैठक के बाद पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव और नई पदस्थापनाओं का रास्ता खुल सकता है।
सूत्रों के अनुसार डीपीसी में वर्ष 2008 और 2009 बैच के अधिकारियों की पदोन्नति का मामला प्रमुख रूप से शामिल रहेगा। इस प्रक्रिया के तहत कई अधिकारियों को एसपी से डीआईजी और डीआईजी से आईजी पद पर पदोन्नति मिलने की संभावना है। अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में आईजी और डीआईजी स्तर के कुल नौ पद रिक्त हैं। इन्हें भरने के लिए 27 अधिकारियों का पैनल तैयार किया गया है। पदोन्नति सूची जारी होने के बाद पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर पदस्थापना और तबादलों की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि दो अधिकारियों के मामलों में सीलबंद कवर प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ कुछ विभागीय या प्रशासनिक प्रकरण लंबित हैं। ऐसी स्थिति में डीपीसी संबंधित अधिकारियों के मामले पर विचार तो करती है, लेकिन अंतिम निर्णय प्रकरण के निस्तारण तक सुरक्षित रखा जाता है। हालांकि इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया गया है कि डीपीसी की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित होगी। इसमें यूपीएससी के प्रतिनिधि, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी शामिल रहेंगे। समिति की अनुशंसा के बाद राज्य सरकार अंतिम पदोन्नति आदेश जारी करेगी।
पदोन्नति के बाद कई जिलों में पदस्थ पुलिस अधीक्षकों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। वहीं प्रदेश को नए आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी भी मिलेंगे, जिससे पुलिस विभाग की प्रशासनिक संरचना में बदलाव देखने को मिल सकता है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी जून माह में हुई डीपीसी के बाद कई आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति मिली थी। इस बार भी लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में पुलिस महकमे की नजरें अब 25 जून को होने वाली इस अहम बैठक पर टिकी हैं।















