यह अभियान मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार प्रदेशभर की जेलों में संचालित किया गया। कार्यक्रम के तहत विभिन्न जेलों में नियमित रूप से योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में बंदियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की।
अभियान का शुभारंभ 15 जून को ऑनलाइन माध्यम से किया गया था। इस दौरान प्रशिक्षित योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को योग के महत्व और उसके स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
सात दिनों तक चले कार्यक्रम में विभिन्न योगासन, श्वास संबंधी अभ्यास और ध्यान की विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही अनुशासन, आत्मनियंत्रण, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े संदेश भी साझा किए गए। प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ रही, जिसके अनुरूप जेलों में बंदियों को ऐसी गतिविधियों से जोड़ा गया, जो उनके मानसिक संतुलन, शारीरिक क्षमता और भावनात्मक मजबूती को बढ़ाने में सहायक हों।
अधिकारियों के अनुसार प्रदेश की सभी जेलों में कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुए। बंदियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी ने योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच को भी प्रदर्शित किया।















