तिरुवल्लूर, 22 जून।
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक झींगा प्रसंस्करण इकाई में हुए अमोनिया गैस रिसाव मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। इस हादसे में दो महिला श्रमिकों की जान चली गई, जबकि 50 से अधिक कर्मचारी प्रभावित होकर बीमार पड़ गए। मामले में आयोग ने राज्य प्रशासन से विस्तृत जानकारी तलब की है।
आयोग ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं और प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा गया है।
जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार को उस समय हुई, जब कारखाने में कार्यरत कर्मचारी पास के एक कमरे में विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया और जहरीली गैस कमरे तक पहुंच गई। गैस के प्रभाव से दो महिला श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई।
हादसे के बाद प्रभावित श्रमिकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। कुल 59 कर्मचारियों को चेन्नई और तिरुवल्लूर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
एनएचआरसी ने अपनी रिपोर्ट में घायलों की स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत विवरण शामिल करने को कहा है। साथ ही मृतक श्रमिकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली मुआवजा राशि और राहत संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।















