भोपाल, 22 जून।
राजधानी में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच स्थानों पर विकसित की जा रही कॉलोनियों में तोड़फोड़ की कार्रवाई की। सेवनिया ओंकारा और अरेड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों में बिना अनुमति किए गए निर्माणों पर जेसीबी चलाकर सड़कें, बाउंड्रीवॉल और अन्य संरचनाएं हटाई गईं। कार्रवाई के बाद कॉलोनाइजरों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई हुजूर अनुभाग के अंतर्गत की गई। राजस्व विभाग, नगर निगम, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम सुबह से ही चिन्हित स्थानों पर पहुंच गई थी। सबसे पहले सेवनिया ओंकारा क्षेत्र में लगभग सात एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही कॉलोनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति, बिना स्वीकृत ले-आउट और आवश्यक प्रक्रियाओं के प्लॉटिंग की जा रही थी। इसके बाद संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीनों की सहायता से कॉलोनी में विकसित की गई कच्ची सड़कें, सीमांकन संरचनाएं और अन्य निर्माण ध्वस्त कर दिए।
इसके बाद अरेड़ी क्षेत्र समेत अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार की कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि कुछ कॉलोनाइजर कृषि भूमि पर नियमों के विपरीत अवैध प्लॉटिंग कर लोगों को भूखंड बेच रहे हैं, जिससे भविष्य में नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने लोगों से अपील की कि किसी भी कॉलोनी में निवेश या प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। अधिकारियों ने बताया कि अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं और निर्माण स्वीकृति से संबंधित कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार जिले में लगभग 200 अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई है। इनकी सूची तैयार कर ली गई है और आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन कर कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ केवल तोड़फोड़ तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवश्यक होने पर कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।















