इंदौर, 24 जून।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश में एक बड़ी बैंक धोखाधड़ी के मामले में सख्त कदम उठाया है। एजेंसी ने 356 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में शामिल एम/एस धनलक्ष्मी सॉल्वेक्स प्राइवेट लिमिटेड (डीएसपीएल) और उसके निदेशकों की 35.52 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है।
कुर्क की गई इन संपत्तियों में इंदौर और शाजापुर जिलों में स्थित आवासीय फ्लैट और जमीन के कई टुकड़े शामिल हैं, जो आरोपितों के नाम पर दर्ज थे। ईडी इन संपत्तियों का मालिकाना हक रखने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिकाओं को बारीकी से खंगाल रही है।
जांच एजेंसी का मुख्य ध्यान बैंक फ्रॉड के माध्यम से अर्जित की गई अवैध राशि के निवेश और उसके स्रोत का पता लगाने पर है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धोखाधड़ी से हासिल धन को किन-किन अन्य संपत्तियों और व्यावसायिक उपक्रमों में खपाया गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह जांच का अभी शुरुआती दौर है। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एजेंसी कंपनी के निदेशकों और अन्य संदिग्धों के वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल जारी रखेगी। आने वाले दिनों में और भी संपत्तियों को जांच के दायरे में लाया जा सकता है।









