खंडवा, 23 जून।
मध्य प्रदेश के तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में भक्तों के लिए एक बेहद सुखद और धार्मिक क्षण आया है। यहाँ के अतिप्राचीन श्री ममलेश्वर महादेव मंदिर परिसर स्थित श्री वृद्धकालेश्वर महादेव मंदिर के कपाट पूरे 40 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के पट आम दर्शनार्थियों के लिए खोले गए।
यह आयोजन विद्वान पं. सुधीर अत्रे के आचार्यत्व में संपन्न हुआ, जिसमें संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी महाराज और ममलेश्वर मंदिर का पुजारी परिवार विशेष रूप से उपस्थित रहा। गौरतलब है कि श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को देखते हुए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने पुरातत्व विभाग से आवश्यक विमर्श कर इस ऐतिहासिक मंदिर को फिर से खुलवाने की पहल की थी।
प्रशासन की ओर से तहसीलदार उदय मंडलोई ने स्पष्ट किया है कि अब भक्त प्रतिदिन भोलेनाथ के दर्शन का लाभ ले सकेंगे। गर्भगृह के छोटे आकार और सुरक्षा के चलते दर्शन की व्यवस्था द्वार के बाहर से सुनिश्चित की गई है, जबकि गर्भगृह में भोग और आरती के लिए केवल पुजारी ही प्रवेश कर सकेंगे। इस पहल से स्थानीय निवासियों और दूर-दराज से आने वाले शिव भक्तों में भारी उत्साह है।









