हैदराबाद, 29 जून।
तेलंगाना में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अंतर्गत मार्च से जून तक चलाए गए 99 दिवसीय विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान 6.5 लाख से अधिक घरों तक पहुंचकर लोगों को कचरा पृथक्करण और घरेलू खाद निर्माण के प्रति जागरूक किया गया। इस अवधि में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वच्छता और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार यह अभियान वर्ष 2025 में आयोजित 100 दिवसीय स्वच्छता अभियान की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित किया गया। इसका प्रमुख लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी व्यवहार को मजबूत करना, नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना और शहरी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना था।
अभियान के तहत शहरी स्थानीय निकायों ने व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित कीं। घर-घर संपर्क कार्यक्रम के माध्यम से 6.5 लाख से अधिक परिवारों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण और घरेलू कंपोस्टिंग के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही नागरिकों को स्वच्छता बनाए रखने और कचरा प्रबंधन में सक्रिय सहयोग के लिए प्रेरित किया गया।
राज्यभर में स्वच्छता रैलियां, विशेष सफाई अभियान, ‘संडे, फनडे’ कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और जनसहभागिता से जुड़े अनेक आयोजन किए गए। अभियान के दौरान 194 विशेष सफाई अभियान चलाए गए। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित शपथ कार्यक्रमों में 22,482 से अधिक लोगों ने भागीदारी की।
मंत्रालय के अनुसार राज्य सरकार ने इस पहल को केवल सफाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य, पेयजल प्रबंधन और नागरिक सहभागिता से भी जोड़ा। अभियान के दौरान शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल आपूर्ति, शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
मंत्रालय ने बताया कि इससे पहले जून से सितंबर 2025 के बीच आयोजित 100 दिवसीय विशेष अभियान में 27.09 लाख परिवारों को कचरा पृथक्करण और घरेलू खाद निर्माण के लिए जागरूक किया गया था। इसके अलावा 36,900 नागरिकों ने 250 किलोमीटर लंबी स्वच्छता रैलियों में भाग लिया था।
पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अमृत मित्र-वीमेन फॉर ट्रीज पहल के अंतर्गत 24,708 पौधे लगाए गए थे। साथ ही 10,704 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई थी। स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 25,386 कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए गए थे।

















