नई दिल्ली, 04 जुलाई।
दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की नई जमानत याचिकाओं पर कड़कड़डूमा कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। उम्मीद है कि अदालत आज ही इस मामले में अपना निर्णय सुना सकती है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामले में सुनवाई की धीमी गति को देखते हुए जमानत मिलना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आरोप तय करने की प्रक्रिया अभी भी पूरी नहीं हुई है और सह-आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी है।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने सर्वोच्च अदालत के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जब तक उच्चतर स्तर से कोई नया निर्देश नहीं मिलता, तब तक ट्रायल कोर्ट को पुराने आदेशों का पालन करना होगा।
उमर खालिद और शरजील इमाम ने दावा किया है कि छह महीने गुजरने के बाद भी ट्रायल में कोई ठोस प्रगति नहीं देखी गई है। इसी आधार पर उन्होंने अपनी नई याचिका दायर की है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी कई सह-आरोपियों को मामले में जमानत दी जा चुकी है। यूएपीए के तहत दर्ज इस पूरे मामले में कुल 18 लोगों को आरोपित किया गया है, जिनकी कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।














