ढाका, 04 जुलाई।
म्यांमार के रखाइन प्रांत में जारी सैन्य संघर्ष के चलते बांग्लादेश की सीमा पर हलचल बढ़ गई है। सीमावर्ती इलाकों के निवासियों के मन में एक बार फिर रोहिंग्या शरणार्थी संकट के उभरने का डर समा गया है।
सीमा के दूसरी ओर से पिछले 48 घंटों से भारी गोलीबारी और धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है। म्यांमार सेना ने मौंगडाव और बुथिडांग जैसे क्षेत्रों में अपना अभियान तेज कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, विस्फोट इतने तीव्र थे कि घरों में झटके महसूस किए गए।
बांग्लादेशी अधिकारियों ने अभी तक किसी बड़े पलायन की पुष्टि नहीं की है। वे सीमाई क्षेत्र पर पैनी निगाह रखे हुए हैं। शरणार्थी शिविरों के नेताओं का कहना है कि मौंगडाव में हालात बेहद खराब हैं और लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भटक रहे हैं।
बांग्लादेश पहले ही 10 लाख से अधिक रोहिंग्याओं का बोझ उठा रहा है। ऐसे में फिर से हिंसा भड़कने से सीमा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। प्रशासन ने नाफ नदी के आसपास गश्त और भी कड़ी कर दी है।
इस संघर्ष की आग म्यांमार की दूसरी सीमाओं तक भी पहुंच गई है। थाईलैंड के टाक प्रांत में गोलीबारी के कारण घरों को नुकसान हुआ है, जिसके बाद वहां के अधिकारियों ने एहतियातन सीमा पार के सभी रास्तों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है।















