रोम, 3 जुलाई।
पूरा यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। भीषण हीटवेव के चलते कई क्षेत्रों में तापमान का स्तर असामान्य रूप से ऊपर चला गया है। इटली की राजधानी रोम में भी लोग चिलचिलाती धूप से बचने के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं।
इस बीच वैज्ञानिकों ने समुद्र के बढ़ते तापमान को लेकर भी चिंता जताई है। इस साल जून का महीना दुनिया के महासागरों के लिए अब तक का सबसे गर्म महीना दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा 2023-24 के अल-नीनो वर्षों से भी अधिक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूमध्य सागर के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा दर्ज किया गया है। वहीं उत्तरी सागर भी तीन डिग्री सेल्सियस अधिक गर्मी का सामना कर रहा है।
प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में समुद्री सतह का तापमान औसत से 1.24 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। पूरी दुनिया के उष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण महासागरों का औसत तापमान अभी 21 डिग्री सेल्सियस के करीब है।
वर्ष 1870 में औद्योगिक क्रांति से पहले यह तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस हुआ करता था। अल-नीनो के प्रभाव से आने वाले समय में ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने और हिंद महासागर व अटलांटिक में समुद्री लू का खतरा और अधिक गहराने की संभावना है।

















