काठमांडू, 3 जुलाई।
नेपाल सरकार ने स्कूली बच्चों को अनुशासित और राष्ट्रभक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने संसद में एक नया विधेयक पंजीकृत किया है, जिसके तहत स्कूलों में सैन्य प्रशिक्षण देने के लिए नेशनल सर्विस कॉर्प्स का गठन किया जाएगा।
इस प्रस्तावित कानून का मुख्य लक्ष्य 56 साल पुराने अधिनियम को आधुनिक बनाना है। सरकार का मानना है कि बदलती संघीय संरचना और राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों के मद्देनजर यह बदलाव बेहद जरूरी है। इससे छात्रों में देश प्रेम की भावना प्रबल होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो श्रेणियों में बांटा गया है। जूनियर डिविजन में कक्षा 8 से 10 तक के बच्चे होंगे, वहीं सीनियर डिविजन में कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थी शामिल किए जाएंगे। प्रशिक्षण स्कूल और विशेष केंद्रों पर होगा।
इन छात्रों को भोजन, आवास और बीमा की सुविधा मिलेगी। प्रशिक्षण पूरा होने पर युवा स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, महामारी नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों में तैनात किया जा सकेगा। इसके लिए सेना के जवानों को प्रशिक्षक बनाया जाएगा।
संगठनात्मक ढांचे के तहत प्रधानमंत्री इस कोर के मुख्य संरक्षक होंगे। वहीं रक्षा मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति नीतिगत निर्णय लेगी। प्रशासन चलाने के लिए सेना प्रमुख की सिफारिश पर सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल को महानिदेशक नियुक्त किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को कड़े अनुशासन में रहना होगा। यदि कोई विद्यार्थी मानसिक या शारीरिक रूप से अयोग्य पाया जाता है या अनुशासन तोड़ता है, तो उसे कार्यक्रम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।

















