नई दिल्ली, 04 जुलाई।
विश्व शतरंज के पटल पर एक बड़ी हलचल के तहत फिडे (विश्व शतरंज महासंघ) ने पूर्व विश्व चैंपियन व्लादिमीर क्रामनिक पर सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाया है। शतरंज की शीर्ष संस्था के एथिक्स एंड डिसिप्लिनरी कमीशन (ईडीसी) ने क्रामनिक पर दो वर्ष का प्रतिबंध लगाया है, जिसमें से एक वर्ष का हिस्सा तीन साल की परिवीक्षा अवधि के लिए निलंबित रखा गया है। यदि वह इस प्रोबेशन के दौरान किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करते हैं, तो उन्हें केवल एक वर्ष के सक्रिय प्रतिबंध का सामना करना होगा।
यह कार्रवाई फिडे फेयर प्ले आयोग की शिकायतों के बाद की गई है, जिसमें क्रामनिक पर ग्रैंडमास्टर डेविड नवारा और डेनियल नारोडिट्स्की जैसे खिलाड़ियों पर सोशल मीडिया के माध्यम से बिना पुख्ता सबूतों के चीटिंग के सार्वजनिक आरोप लगाने का इल्जाम था। ईडीसी ने जांच में पाया कि उनका यह व्यवहार एथिक्स और डिसिप्लिनरी कोड का सीधा उल्लंघन है। आयोग ने इस आचरण को साइबर बुलिंग, मानसिक उत्पीड़न और खिलाड़ियों की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला माना है।
हालाँकि, आयोग ने संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने संबंधी कुछ अन्य गंभीर आरोपों को सबूतों की कमी के कारण खारिज भी किया है। अपने विस्तृत फैसले में ईडीसी ने स्पष्ट किया है कि शतरंज में चीटिंग के विरुद्ध लड़ाई सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन ऐसे गंभीर आरोप केवल संस्थागत जांच प्रक्रिया के माध्यम से ही लगाए जाने चाहिए। बिना प्रमाण के किसी की प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति से खिलवाड़ करना अस्वीकार्य है।
यह फैसला क्रामनिक की एंटी-चीटिंग पद्धतियों की वैज्ञानिक वैधता पर नहीं, बल्कि उनके द्वारा आरोपों को सार्वजनिक करने के गलत तौर-तरीकों पर आधारित है। प्रतिबंध के साथ ही उन्हें 12 महीने तक निःशुल्क शतरंज समुदाय की सेवा करने का निर्देश दिया गया है। शतरंज के इस दिग्गज खिलाड़ी के पास इस निर्णय को चुनौती देने के लिए 21 दिनों का समय है।















