नई दिल्ली, 4 जुलाई।
केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान में सक्रिय 23 लोगों को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया है।
ये सभी संदिग्ध लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए हैं। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त करने का संकल्प लिया गया है।
यूएपीए कानून में हुए संशोधन से सरकार और जांच एजेंसियों को अधिक मजबूती मिली है। अब कानून के दायरे में केवल संगठनों को ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत आतंकवादियों को भी नामित किया जा सकता है।
सूचीबद्ध किए गए 23 लोगों में 17 पाकिस्तानी और 6 भारतीय शामिल हैं, जो फिलहाल पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर से अपनी आतंकवादी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
ये सभी लोग सीमा पार से घुसपैठ, हथियारों की तस्करी, फंड जुटाने और युवाओं को उकसाने जैसी भारत विरोधी साजिशों में संलिप्त पाए गए हैं।
इस फैसले के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी अब उनकी संपत्ति जब्त करने, आर्थिक स्रोतों को ब्लॉक करने और हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर सकेगी। वर्ष 2019 में संशोधन के बाद से अब तक सरकार 80 लोगों को आतंकवादी घोषित कर चुकी है।













