काठमांडू, 04 जुलाई।
नेपाल के विकास के लिए किसी भी विदेशी मॉडल का अनुसरण करना देश के हित में नहीं है। आरपीपी नेता ज्ञानेंद्र शाही ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि नेपाल को अपनी जरूरतों और स्थानीय परिवेश के अनुसार खुद का विकास मार्ग तैयार करना होगा।
चीनी दूतावास द्वारा आयोजित एक गोष्ठी में शाही ने जोर देकर कहा कि विकास कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे दूसरे देशों से आयात किया जा सके। किसी अन्य राष्ट्र की सफलता की नकल करना हिमालयी देश नेपाल की भौगोलिक और सामाजिक वास्तविकताओं के अनुकूल नहीं है।
शाही का मानना है कि नेपाल में संसाधनों की कोई कमी नहीं है, बल्कि समस्या इन योजनाओं के सही क्रियान्वयन की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संपदा और जलशक्ति से समृद्ध होने के बावजूद नेपाल इसलिए पिछड़ गया क्योंकि हमने मौलिक राह नहीं चुनी।
नेपाल-चीन संबंधों पर उन्होंने अपनी राय रखते हुए कहा कि दोनों देशों की मित्रता आपसी सम्मान, संप्रभुता और अहस्तक्षेप की नीति पर टिकी होनी चाहिए।
उन्होंने अंत में दावा किया कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और एक स्थिर नेपाल ही दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय शांति का सबसे बड़ा आधार साबित होगा।














