किन्शासा, 04 जुलाई।
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला संक्रमण की रफ्तार डराने लगी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 1,502 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 473 लोगों की जान जा चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस प्रकोप को बेहद गंभीर श्रेणी में रखा है।
वर्तमान में 628 मरीजों का उपचार चल रहा है और 229 लोग संक्रमण से उबरने में सफल रहे हैं। यह बीमारी मुख्य रूप से पूर्वी प्रांतों इतुरी और नॉर्थ किवु में अपने पैर पसार रही है।
इलाके में व्याप्त असुरक्षा और संघर्ष के कारण संक्रमितों की पहचान करना और उन तक पहुंचना बड़ी चुनौती बना हुआ है। पड़ोसी देश युगांडा में भी इबोला के 20 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें 15 लोग संक्रमित होकर पहुंचे थे।
अधिकारियों का कहना है कि युगांडा में अभी तक स्थानीय स्तर पर फैलाव नहीं हुआ है। दोनों देशों ने सीमाओं पर निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत कर दिया है।
इस घातक वायरस से लड़ने के लिए कांगो में क्लिनिकल ट्रायल की शुरुआत कर दी गई है। उपचार के नए तरीकों को परखने के लिए 'पार्टनर्स' के तहत पहले प्रतिभागी को शामिल किया गया है। यह ट्रायल बंडिब्युग्यो स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी दवाओं की जांच करेगा।
मई में शुरू हुए इस प्रकोप के बारे में खुलासा तब हुआ, जब यह लंबे समय से बिना पता चले फैलता रहा था।














