रायपुर, 04 जुलाई।
वन्यजीवों के अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कवर्धा परियोजना मंडल ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। बोड़ला क्षेत्र के भलपहरी बीट के जंगल में नर चीतल का शिकार करने वाले सात आरोपितों को वन विभाग की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए शिकारियों ने जाल बिछाकर तीन वर्षीय नर चीतल को अपना निशाना बनाया था। आरोपित इसके मांस को पकाकर आपस में बांटने की फिराक में थे। मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया।
मौके से पुलिस ने लगभग 500 ग्राम पका हुआ मांस, नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाड़ी और शिकार में इस्तेमाल किए गए फंदे जब्त किए हैं। विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर सभी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वन मंत्री कश्यप ने आम जनता से भी अपील की है कि वे वन अपराधों की जानकारी विभाग को तुरंत दें ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।













