ग्वालियर, 04 जुलाई।
ग्वालियर में एक सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी से हुए 1.58 करोड़ रुपये के डिजिटल अरेस्ट मामले में साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस ठगी के मामले में मुरैना के पोरसा से दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों की पहचान राहुल तोमर और रोहित तोमर के रूप में हुई है। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन ठगों के तार अंतरराष्ट्रीय चाइनीज नेटवर्क से जुड़े हैं। ठगी की गई राशि को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेजा जाता था।
ठगों ने खुद को सीबीआई और ईडी का अधिकारी बताकर महिला को वीडियो कॉल पर बंधक बना लिया था। मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे डर के चलते महिला ने अपनी जमा पूंजी और एफडी तुड़वाकर 1.58 करोड़ रुपये ठगों के खातों में डाल दिए थे।
पुलिस को जांच में पता चला कि 4 लाख रुपये राहुल के खाते में आए थे। पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसने कमीशन के लालच में अपना खाता चचेरे भाई रोहित को दिया था। रोहित ही टेलीग्राम के जरिए सीधे अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़ा था।
रोहित बाइनेंस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) में बदल देता था। पुलिस ने इनके पास से 10 एटीएम, 3 चेकबुक और मोबाइल बरामद किए हैं। इससे पहले नासिक से भी एक आरोपित पकड़ा जा चुका है।
साइबर डीएसपी मनीष यादव ने बताया कि दोनों आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य संदिग्ध खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन पड़ताल जारी है।














