नई दिल्ली, 9 जुलाई।
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने दिल्ली सरकार के 12 वित्तपोषित कॉलेजों में स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र भेजा है। संगठन ने शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर चिंता जताते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
बीएमएस दिल्ली के महासचिव डॉ. दीपेन्द्र चाहर ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि इन कॉलेजों में 696 शिक्षकों और 626 गैर-शिक्षण कर्मचारियों के पद रिक्त हैं। उन्होंने बताया कि 1,416 गैर-शिक्षण कर्मचारियों में से 626 कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कॉलेजों में छात्रों की संख्या में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन इसके अनुरूप स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई। इसके कारण मौजूदा कर्मचारियों पर कार्य का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
बीएमएस ने अपनी मांगों में अस्थायी नियुक्तियों पर रोक लगाने, पुराने कर्मचारियों को नियमित करने, मृतक आश्रित को नौकरी देने और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की बात कही है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इस मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।












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