पिथौरागढ़, 10 जुलाई।
कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के तहत पहला जत्था शुक्रवार को सफलतापूर्वक लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत की ओर रवाना हो गया, जबकि दूसरा दल तय कार्यक्रम के अनुसार सुरक्षित रूप से गूंजी पहुंच गया। यात्रा मार्ग पर सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार पहला दल शुक्रवार सुबह सात बजे नाभीढांग से लिपुलेख दर्रे के लिए रवाना हुआ और सुबह करीब नौ बजे सफलतापूर्वक दर्रा पार कर गया। इस जत्थे में 48 श्रद्धालु, एक चिकित्सा कर्मी और तीन रसोई कर्मचारी सहित कुल 52 लोग शामिल हैं।
वहीं दूसरा जत्था शुक्रवार अपराह्न चार बजे सकुशल गूंजी पहुंचा। यहां यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण, ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पहले से ही समुचित व्यवस्था की गई थी।
उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन की ओर से पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आईटीबीपी, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ यात्रा के सुरक्षित संचालन में जुटी हुई हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा देश की प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक यात्राओं में शामिल है। उत्तराखंड के लिपुलेख मार्ग से संचालित इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु चरणबद्ध तरीके से नाभीढांग, लिपुलेख दर्रा पार कर आगे तिब्बत स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर के लिए प्रस्थान करते हैं।












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