जयपुर, 09 जुलाई।
राजस्थान वाणिज्यिक कर विभाग ने कर चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की प्रवर्तन शाखा-तृतीय ने मैसर्स प्रेम ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड और उनसे जुड़ी चार अन्य फर्मों के ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है।
ये फर्में मुख्य रूप से सोजत, पाली से मेहंदी खरीदकर उसके पाउडर, कोन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाकर दूसरे राज्यों में बेचती हैं। विभाग को सूचना मिली थी कि ये फर्में फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेकर सरकारी खजाने को चूना लगा रही हैं।
विभागीय पोर्टल पर डेटा के विश्लेषण से बीते 5 वर्षों में करीब 35 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी होने का अनुमान लगाया गया है। इस जांच के लिए विभाग ने जयपुर और पाली में पांच अलग-अलग टीमें गठित की थीं।
सर्च के दौरान स्टॉक में भारी विसंगतियां पाई गईं। इसके बाद फर्मों ने आनन-फानन में 99.62 लाख रुपये राजकोष में जमा कराए। फिलहाल अधिकारी ई-वे बिल और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं ताकि कर चोरी की पूरी सच्चाई सामने आ सके।











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