चंडीगढ़, 10 जुलाई।
हरियाणा में दिल के मरीजों के लिए शुरू की गई टेली-ईसीजी सेवा उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा 29 मई को आरंभ की गई इस डिजिटल पहल ने बहुत कम समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
इस सेवा के जरिए सवा महीने के भीतर ही 2,688 मरीजों की हृदय संबंधी जांच की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 131 मरीजों को 'गोल्डन ऑवर' के दौरान सही समय पर उपचार मिला, जिससे उनकी जान बचाना संभव हो सका।
प्रदेश के 600 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में यह डिजिटल सेवा उपलब्ध है। इसमें जिला नागरिक अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक का जाल बिछाया गया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों के चक्कर काटने की मजबूरी से मुक्ति मिल रही है।
इस सुविधा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी किफायती दर है। मात्र 89 रुपये के शुल्क में मरीजों को 10 मिनट के भीतर विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट मिल जाती है। इससे इलाज में होने वाली देरी खत्म हुई है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के अनुसार, इस परियोजना पर सरकार ने करीब 2.92 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। सालाना लक्ष्य के तहत राज्य भर में 3.28 लाख से अधिक ईसीजी करने का अनुमान है, जिससे हृदय रोगों से होने वाली अकाल मौतों को कम किया जा सके।










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