बंगाईगांव, 10 जुलाई।
असम के बंगाईगांव जिले में एक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस ने खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले एक आरोपित को धर दबोचा है। पुलिस ने जोगीघोपा थाना क्षेत्र के छोटे बरजाना गांव निवासी नजरुल इस्लाम को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से स्थानीय निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में मेडिकल ऑफिसर बनकर मरीजों का उपचार कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, नजरुल इस्लाम के पास कोई भी वैध मेडिकल डिग्री या असम काउंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन का पंजीकरण नहीं था। आरोपित ने खुद को इमरजेंसी मेडिसिन और पेन मैनेजमेंट में विशेषज्ञ बता रखा था, जो पूरी तरह फर्जी साबित हुआ। जाँच में खुलासा हुआ कि वह मरीजों को एलोपैथिक दवाएं लिखने के लिए किसी अन्य रजिस्टर्ड डॉक्टर के पंजीकरण नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहा था।
पुलिस ने इस मामले में कठोर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के साथ-साथ नेशनल मेडिकल कमीशन अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। एक लिखित शिकायत और गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपित को अदालत में पेश किया गया है। वर्तमान में पुलिस इस धोखाधड़ी के जाल में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए गहन पूछताछ कर रही है।










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