नोएडा, 10 जुलाई।
गौतम बुद्ध नगर स्थित लुक्सर जिला कारागार अब सुधार के साथ-साथ आत्मनिर्भरता का एक बड़ा केंद्र बन गया है। जेल प्रशासन द्वारा शुरू की गई पहल के तहत, यहाँ के कैदी 21.50 एकड़ भूमि पर बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती कर रहे हैं। यह अनूठा प्रयोग बंदियों को अनुशासित जीवन जीने और भविष्य के लिए रोजगार परक कौशल सिखाने में सहायक साबित हो रहा है।
कारागार अधीक्षक बृजेश कुमार ने जानकारी दी कि वर्तमान में 82 बंदी पूरी तन्मयता से इस कृषि कार्य में जुटे हैं। यहाँ आलू, गोभी, पालक, गाजर और लौकी समेत कई प्रकार की मौसमी सब्जियां उगाई जा रही हैं। यहाँ प्रतिदिन लगभग 4 कुंतल सब्जी का उत्पादन होता है, जिसका प्राथमिक उपयोग जेल के बंदियों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार करने में किया जाता है।
जेल की इस मेहनत का लाभ केवल लुक्सर तक ही सीमित नहीं है। पिछले एक वर्ष के भीतर यहाँ से लगभग 681 कुंतल 90 किलोग्राम सब्जियां प्रदेश के अन्य कारागारों में भी भेजी गई हैं। यह प्रयास न केवल बंदियों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ रहा है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए एक बेहतर पुनर्वास का अवसर भी प्रदान कर रहा है।











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