नई दिल्ली, 10 जुलाई।
दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित और जाम से मुक्त बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कमर कस ली है। इस साल की पहली छमाही में विभाग ने आधुनिक तकनीक और बेहतर इंजीनियरिंग के जरिए यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने का दावा किया है।
पिछले छह महीनों में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कड़ा प्रहार किया गया है। विभाग ने इस दौरान 48 लाख से अधिक चालान काटे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में ई-चालान शामिल हैं। इसके अलावा खतरनाक ड्राइविंग के लिए हजारों मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।
शहर के जाम को कम करने के लिए आठ प्रमुख मार्गों को सिग्नल-फ्री बनाया गया है। इसमें सड़कों से फालतू सिग्नल हटाकर और यू-टर्न की व्यवस्था करके यातायात को सुचारू किया गया है, जिसका असर एनएसपी और विकास मार्ग जैसे व्यस्त इलाकों में दिखने लगा है।
विभिन्न एजेंसियों के तालमेल से आईएसबीटी और आश्रम चौक जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी सुधार कार्य किए गए हैं। प्रोजेक्ट संगम के तहत स्थानीय लोगों की मदद से 500 से ज्यादा सुझावों पर काम किया जा रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर ट्रैफिक समस्याओं का समाधान निकल रहा है।
सड़क सुरक्षा के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए लाखों छात्रों को प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही ऑटो, टैक्सी और डीटीसी ड्राइवरों को भी विशेष सत्रों के जरिए नियमों का पाठ पढ़ाया गया है ताकि सड़कों पर दुर्घटनाएं कम हों।
मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए पहले से ही 169 संवेदनशील स्थानों की पहचान कर ली गई थी। इस काम के लिए आपदा प्रबंधन वाहनों को तैनात किया गया है, ताकि बारिश के समय पानी की निकासी तुरंत हो सके।
इस दौरान ड्यूटी निभाते हुए एक जवान ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और कई अन्य घायल भी हुए। विभाग का संकल्प है कि भविष्य में भी तकनीक और जन-भागीदारी से राजधानी की सड़कों को स्मार्ट बनाया जाएगा।










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