शिमला, 10 जुलाई।
ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दौरान राजधानी शिमला में सैलानियों की जबरदस्त आमद देखने को मिली है। 1 मई से 10 जुलाई के बीच की अवधि में शहर में करीब 22 लाख वाहनों का प्रवेश हुआ है। मानसून की दस्तक के बावजूद पर्यटकों की संख्या में कोई गिरावट नहीं आई, जिससे शिमला पुलिस के लिए यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा।
पुलिस ने इस दबाव को संभालने के लिए प्रभावी कार्ययोजना लागू की। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड के जवानों की संख्या 136 से बढ़ाकर 265 कर दी गई। इसके अलावा 50 स्वयंसेवकों और 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स को तैनात किया गया। पूरे शहर को पाँच सेक्टरों में विभाजित कर डीएसपी और एनजीओ स्तर के अधिकारियों को निगरानी का जिम्मा सौंपा गया, ताकि हर संवेदनशील मोड़ पर स्थिति नियंत्रण में रहे।
शहर के मुख्य रास्तों पर दबाव कम करने हेतु कुफरी और किन्नौर जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली बाईपास से डायवर्ट किया गया, जहाँ स्टिकर लगाकर उनकी पहचान सुनिश्चित की गई। प्रतिदिन करीब 600 से 800 वाहन इस वैकल्पिक मार्ग से निकले। एसएसपी गौरव सिंह ने इस सफलता का श्रेय पुलिस, एनसीसी, एनएसएस और स्थानीय स्वयंसेवकों के सामूहिक प्रयासों को दिया है। सोशल मीडिया के माध्यम से यात्रियों को रियल टाइम अपडेट दिए गए, जिससे जाम की स्थिति पर अंकुश लगा रहा।











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