शिमला, 10 जुलाई।
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के रौद्र रूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बीते चौबीस घंटों से हो रही मूसलाधार भारी वर्षा के चलते पूरे राज्य में आपदा जैसे हालात पैदा हो गए हैं। कई जिलों में लगातार भूस्खलन की घटनाओं के कारण आवागमन बाधित हुआ है, वहीं बिजली और पानी की आपूर्ति ठप होने से आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सोलन और सिरमौर जिलों में सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश की घोषणा कर दी गई है। सिरमौर में 48 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं और गिरि जटोंन बांध के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। नदी-नालों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मंडी जिले में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, जहाँ मंडी-मनाली हाईवे पर मलबा गिरने से बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। राजधानी शिमला के विकासनगर में एक दीवार ढहने से दो गाड़ियां मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी और शिमला समेत कई जिलों में आगामी दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे खराब मौसम में अनावश्यक सफर करने से बचें।











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