अनूपपुर, 10 जुलाई।
अनूपपुर जिला मुख्यालय से सटी बरबसपुर ग्राम पंचायत के भोलगढ़ क्षेत्र में पिछले छह दिनों से तीन जंगली हाथी डेरा जमाए हुए हैं। हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है। रात के समय यह दल गांवों में पहुंचकर मकानों, खेतों और बाड़ियों को नुकसान पहुंचा रहा है। लगातार हो रही घटनाओं और पहले हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने से ग्रामीणों में वन विभाग और प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ सीमा से करीब सात माह पहले अनूपपुर जिले में पहुंचे तीन हाथियों का दल लगातार जिले के अलग-अलग वन क्षेत्रों और गांवों के आसपास विचरण कर रहा है। वर्तमान में हाथी बरबसपुर वन बीट के अंतर्गत भोलगढ़ के समीप स्थित कुरियारी जंगल में दिनभर रहते हैं और रात होते ही आसपास की बस्तियों की ओर पहुंच जाते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीते तीन दिनों में हाथियों ने आधा दर्जन से अधिक मकानों में तोड़फोड़ की है। इसके अलावा खेतों में खड़ी फसल, बाड़ियों में लगी सब्जियों और पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर हाथियों ने घरों में रखा अनाज भी नष्ट कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से जिले के विभिन्न गांवों में हाथियों के कारण फसलों और मकानों को नुकसान हो रहा है, लेकिन प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। इससे लोगों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हाथियों की लगातार बदलती गतिविधियों के कारण वन विभाग के लिए भी निगरानी चुनौती बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार तीनों हाथी एक साथ दिखाई देते हैं, जबकि कई बार वे अलग-अलग दिशाओं में चले जाते हैं, जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है।
हाथियों की मौजूदगी के कारण भोलगढ़ और आसपास के गांवों के लोग पूरी रात जागकर अपने घरों और फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, हाथियों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण करने और प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।












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