मंदसौर, 10 जुलाई।
आगामी 16 जुलाई को मंदसौर में आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। यात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की विग्रह प्रतिमाएं शुक्रवार को जगन्नाथ पुरी से मध्य प्रदेश के मंदसौर पहुंचीं। शहर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
प्रतिमाओं को पुरी से मंदसौर लाने की जिम्मेदारी ललित आलवानी, किशोर बिजानी, राजकुमार शास्त्री, वृंदावन के भागवताचार्य ज्ञानेश्वर शर्मा और देवेंद्र दीक्षित ने निभाई। सभी ने इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताते हुए कहा कि भगवान की सेवा का ऐसा अवसर विरले ही प्राप्त होता है।
शुक्रवार दोपहर प्रतिमाओं को डीआरपी लाइन स्थित यात्रा संरक्षक अनिल गुप्ता के निवास पर लाया गया, जहां विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच प्रतिमाओं को वाहन में विराजित कर शोभायात्रा के रूप में खानपुरा स्थित जगन्नाथ धाम (जगदीश मंदिर) और शिवना तट स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर ले जाया गया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर प्रतिमाओं का स्वागत किया।
जगन्नाथ धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर रथयात्रा को भव्य और सफल बनाने का संकल्प लिया। आयोजन समिति के अनुसार यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिदिन शाम 6 से 7 बजे तक जगन्नाथ धाम मंदिर में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील भी की है।
समिति के अनुसार 16 जुलाई को दोपहर 3 बजे रथयात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के रथ को नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालु खींचते हुए नगर भ्रमण कराएंगे।












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