गुवाहाटी, 10 जुलाई।
असम सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पर्यटकों की संख्या के आधार पर असम को देश के शीर्ष 10 पर्यटन राज्यों में शामिल करना है। इसके लिए होमस्टे नीति, लग्जरी होटल और पर्यटन ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विधानसभा में वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य के पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार नई नीतियों और निवेश के माध्यम से इस विकास को और तेज करना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के सहयोग से असम का पर्यटन लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 'ऑसम असम' देश और विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है तथा सरकार इस क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हर वर्ष 76 लाख से अधिक घरेलू पर्यटक असम पहुंचते हैं और बेहतर कनेक्टिविटी तथा पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के बाद इस संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
ग्रामीण और सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई होमस्टे नीति लागू करेगी। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को होमस्टे स्थापित करने के लिए 30 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी और दो प्रतिशत ब्याज सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति तथा जीवनशैली का वास्तविक अनुभव मिलेगा।
बजट में पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए उमरांगसो, हाफलोंग और मानस में फाइव स्टार होटल विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे देशी और विदेशी पर्यटकों की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ-साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, वन्यजीव और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुसार, पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी ये पहलें असम को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।












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