नई दिल्ली, 10 जुलाई।
रेल यात्रियों की सुरक्षा को और अभेद्य बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के अंतर्गत आने वाले रेवाड़ी-दिल्ली और शकूरबस्ती-बठिंडा रेल खंडों पर अब आधुनिक कवच 4.0 प्रणाली लगाई जाएगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 680 रूट किलोमीटर के दायरे को सुरक्षा कवच से लैस किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 206 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। यह कदम ट्रेन दुर्घटनाओं को शून्य पर लाने के प्रयासों का हिस्सा है।
स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह सुरक्षा प्रणाली सिग्नल के उल्लंघन और ट्रेनों की आमने-सामने की टक्कर रोकने में सक्षम है। यह प्रणाली लगातार ट्रेनों की गति और दिशा पर निगरानी रखेगी और किसी भी खतरे को भांपते ही स्वतः ब्रेक लगा देगी।
इस तकनीक के लागू होने से न केवल रेल संचालन में सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ट्रेनों की समयबद्धता और परिचालन दक्षता में भी सुधार होगा। यह सुरक्षा अपग्रेड यात्री और मालगाड़ियों के आवागमन को और अधिक तेज और भरोसेमंद बनाएगा।
रेल मंत्रालय का मानना है कि रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन रूटों पर कवच लगने से रेल तंत्र को नई तकनीकी मजबूती मिलेगी। भविष्य में पूरे देश के रेल नेटवर्क को इस स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली से जोड़ने की योजना है।











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