नई दिल्ली, 11 जुलाई।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ‘सर्वोत्तम प्रथाओं पर मासिक वेबिनार शृंखला’ की शुरुआत की। वर्षभर चलने वाली इस पहल का उद्देश्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच सफल स्वास्थ्य नवाचारों का आदान-प्रदान करना है।
वेबिनार शृंखला का शुभारंभ करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अराधना पटनायक ने कहा कि मजबूत और उत्तरदायी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण में नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विकसित अभिनव प्रयासों की पहचान, दस्तावेजीकरण और व्यापक प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत मंच का कार्य करेगी, जिससे एक राज्य में सफल साबित हुए मॉडल अन्य राज्यों में भी अपनाए जा सकेंगे।
अराधना पटनायक ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर विकसित ऐसे नवाचार सामने लाए जाएं, जो उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान में प्रभावी साबित हुए हों। उन्होंने राज्य और जिला स्तर की उन टीमों की भी सराहना की, जिनके नवाचारों को पर्याप्त दस्तावेजीकरण और प्रचार-प्रसार नहीं मिल पाता।
पहले वेबिनार का विषय एनीमिया, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य रखा गया। इसमें तीन राज्यों की ऐसी पहलें प्रस्तुत की गईं, जिन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं।
इस दौरान झारखंड ने एनीमिया मुक्त भारत टी4 ऐप और होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर–होम बेस्ड यंग चाइल्ड केयर गृह भ्रमण कार्यक्रम की जानकारी साझा की। छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत ‘चिरायु डे’ पहल प्रस्तुत की, जबकि मध्य प्रदेश ने किशोरों में बढ़ते मोटापे की रोकथाम से जुड़ी अपनी अभिनव पहल की जानकारी दी।
स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित इन पहलों को सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रभावी और अन्य राज्यों में अपनाए जा सकने वाले उत्कृष्ट मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। वेबिनार में केंद्र, राज्यों और जिला स्तर के 500 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।











