ऑकलैंड, 11 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न्यूजीलैंड का दौरा पूरा करने के बाद शनिवार को स्वदेश के लिए रवाना हो गए। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एयरपोर्ट पहुंचकर उन्हें विदाई दी। प्रधानमंत्री के छह दिवसीय तीन देशों के आधिकारिक विदेश दौरे का अंतिम चरण न्यूजीलैंड में संपन्न हुआ, जहां दोनों देशों के बीच 18 महत्वपूर्ण फैसलों और 10 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, लोगों के बीच मजबूत संपर्क और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा हितों को ध्यान में रखते हुए दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया। इसी उद्देश्य से अगले चार वर्षों के सहयोग के लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी : रोडमैप टू 2030’ का समर्थन किया गया।
दोनों देशों ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान और क्षेत्रीय व बहुपक्षीय मंचों पर लगातार संवाद बनाए रखने पर भी सहमति जताई। साथ ही वर्ष 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर सात अरब न्यूजीलैंड डॉलर, यानी लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लक्ष्य पर मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया।
शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री लक्सन ने उनके सम्मान में गाला लंच का आयोजन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने ‘किआ ओरा मोदी’ सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री लक्सन ने न्यूजीलैंड के विकास और अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में उनकी लगभग नौ प्रतिशत हिस्सेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री को न्यूजीलैंड आने में 40 वर्ष लगे, लेकिन अब इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह उनकी गारंटी है और उनकी गारंटी का अर्थ उसे पूरा करने की गारंटी है।











