ग्वालियर, 11 जुलाई।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुरानी छावनी स्थित महाकाल कोल्ड स्टोरेज के संचालक पर एक कारोबारी की करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपये मूल्य की दाल हड़पने के आरोप में शनिवार को एफआईआर दर्ज की गई। यह कार्रवाई जिला न्यायालय के आदेश के बाद की गई है।
आरोप है कि कारोबारी की ओर से कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखवाई गई 6565 बोरी मसूर, मलका, उड़द दाल और काबुली चना वापस नहीं किया गया। पुरानी छावनी थाना पुलिस ने संचालक महेश कुमार अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अमानत में खयानत सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार चेतकपुरी विजय नगर निवासी कारोबारी जयराम डिगवानी दाल बाजार में भरत ट्रेडिंग कंपनी का संचालन करते हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि सितंबर 2023 में पुराने कारोबारी संबंधों के चलते उन्होंने अपनी फर्म का बड़ी मात्रा में स्टॉक महाकाल कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा था। इस स्टॉक में 6565 बोरी दाल और काबुली चना शामिल था, जिसकी कीमत करीब 2.25 करोड़ रुपये बताई गई है।
शिकायत के मुताबिक जब वह अपना स्टॉक वापस लेने और अंतिम हिसाब करने के लिए कोल्ड स्टोरेज पहुंचे तो संचालक महेश अग्रवाल अपने साथियों के साथ मौजूद था। आरोप है कि माल की मूल रसीदें टेबल पर रखते ही आरोपितों ने उन्हें छीन लिया। विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उस समय पुलिस ने केवल मारपीट का मामला दर्ज किया था, जबकि करोड़ों रुपये के माल के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित कारोबारी का आरोप है कि माल वापस लेने के लिए उन्होंने व्यापारिक संगठनों, सामाजिक स्तर पर पंचायतों और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई। नवंबर 2025 में उन्होंने पुरानी छावनी थाने में दोबारा शिकायत दर्ज कराई और बाद में आईजी तथा एसपी की जनसुनवाई में भी पहुंचे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए पुरानी छावनी थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के पालन में पुलिस ने महेश कुमार अग्रवाल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुरानी छावनी थाना प्रभारी डॉ. संतोष यादव ने बताया कि न्यायालय के आदेश के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपित की गिरफ्तारी और माल की बरामदगी के प्रयास भी किए जाएंगे।











