सागर, 11 जुलाई।
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को सागर जिला चिकित्सालय में जनसंख्या स्थिरीकरण और परिवार कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गई। कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को छोटे परिवार, सुरक्षित मातृत्व और परिवार नियोजन के महत्व की जानकारी दी गई।
रैली को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. देवेश पटैरिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि संतुलित जनसंख्या सतत विकास की आधारशिला है। उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रमों और शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से जिम्मेदार अभिभावक बनने तथा परिवार नियोजन के उपाय अपनाने की अपील की।
रैली के बाद जिला चिकित्सालय परिसर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने परिवार नियोजन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की।
डॉ. ज्योति चौहान ने कहा कि छोटा और नियोजित परिवार सामाजिक तथा आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होता है। इससे बच्चों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण उपलब्ध कराया जा सकता है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत ने परिवार नियोजन के स्थायी उपायों, विशेष रूप से नसबंदी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए इसकी उपयोगिता और प्रक्रिया की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने "छोटा परिवार, स्वस्थ परिवार" का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने और परिवार नियोजन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. अचला जैन, डॉ. हेमंत कोष्टी, डॉ. संतोष पटेल, आर.के. जड़िया सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, एफआरएचएस इंडिया के प्रतिनिधि, अर्बन आशा कार्यकर्ता, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।











