रतलाम, 11 जुलाई।
मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के डोंगरे नगर स्थित दिव्य दर्शन भवन सेवा केंद्र में शनिवार को "सकारात्मक मीडिया : सशक्त समाज की आधारशिला" विषय पर मीडिया स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों, समाचार एजेंसियों और डिजिटल मीडिया से जुड़े संपादकों, पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं ईश्वरीय स्मृति के साथ हुआ। इस अवसर पर ज्ञान, सत्य और सकारात्मक चेतना के प्रकाश को समाज तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
मुख्य वक्ता माउंट आबू से आईं राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने कहा कि मीडिया केवल घटनाओं का दर्पण नहीं, बल्कि समाज की सोच और भविष्य को दिशा देने वाला सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल घटनाओं का संकलन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक चेतना, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करना भी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है। अपराध और नकारात्मक घटनाओं के साथ-साथ सेवा, नवाचार, प्रेरणादायक कार्यों और सकारात्मक बदलाव की खबरों को भी प्रमुखता मिलनी चाहिए। सकारात्मक पत्रकारिता का अर्थ सच्चाई को छिपाना नहीं, बल्कि समस्याओं के साथ उनके समाधान और प्रेरक पहलुओं को भी सामने लाना है।
उर्मिला दीदी ने कहा कि निष्पक्षता, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर आधारित पत्रकारिता राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने पत्रकारों से अपनी लेखनी और कैमरे के माध्यम से मानवता, सद्भाव, विश्वास और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी मीडिया विंग की कोर कमेटी सदस्य ब्रह्माकुमारी अनिता दीदी ने कहा कि मीडिया और अध्यात्म दोनों का उद्देश्य समाज में जागरूकता, नैतिकता और मानवीय मूल्यों का विकास करना है। उन्होंने पत्रकारों से सेवा, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और युवा जागरूकता जैसे विषयों को अधिक स्थान देने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता की शुरुआत सकारात्मक मन से होती है। इस अवसर पर सभी मीडिया प्रतिनिधियों को ईश्वरीय सौगात भेंट की गई।











