सतना, 11 जुलाई।
विंध्य क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के उद्देश्य से कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भारतीय रेलवे के संबंधित महाप्रबंधकों (डब्ल्यूसीआर, एसईसीआर और एनआर) को तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजे हैं। संगठन ने यात्रियों की बढ़ती संख्या, व्यापारिक जरूरतों और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए प्रमुख ट्रेनों के विस्तार की मांग की है।
कैट ने अपने पत्र में कहा है कि रीवा, सतना और पूरे विंध्य क्षेत्र का देश के विभिन्न राज्यों से संपर्क लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मौजूदा रेल सेवाओं का विस्तार आवश्यक है।
संगठन ने रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस का विस्तार रायगढ़ तक करने का प्रस्ताव दिया है। पत्र में कहा गया है कि बिलासपुर-रायगढ़ रेलखंड दोहरी लाइन और पूर्ण विद्युतीकरण से युक्त है। ट्रेन के बिलासपुर में उपलब्ध खाली समय का उपयोग कर बिना अतिरिक्त रैक के इसे रायगढ़ तक संचालित किया जा सकता है। इससे औद्योगिक शहर रायगढ़ और विंध्य क्षेत्र के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।
कैट ने रीवा-भोपाल एक्सप्रेस को प्रतिदिन रतलाम तक चलाने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि रतलाम पश्चिम भारत का प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां से गुजरात और राजस्थान के लिए व्यापक रेल संपर्क उपलब्ध है। इससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी यात्राओं को भी सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा संगठन ने रीवा-आनंद विहार एक्सप्रेस का विस्तार हरियाणा के हिसार तक करने का सुझाव दिया है। कैट के अनुसार आनंद विहार से हिसार तक का रेलमार्ग पूर्ण रूप से विकसित और विद्युतीकृत है। दिल्ली क्षेत्र में उपलब्ध ठहराव समय का उपयोग कर इस विस्तार को लागू किया जा सकता है।
कैट ने कहा कि इन प्रस्तावों के लागू होने से रेलवे के मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी और रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि होगी। संगठन ने रेलवे प्रशासन से जनहित और विंध्य क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए इन प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।











