हैदराबाद, 11 जुलाई।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना में रेलवे अवसंरचना को मजबूत करने के लिए राज्य का रेलवे बजट बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान अविभाजित आंध्र प्रदेश को रेलवे के लिए 880 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण पर बड़े स्तर पर निवेश कर रही है।
शनिवार को हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एचआईसीसी) में "विकसित भारत-2047 में तकनीक की भूमिका" विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन का आधुनिक स्वरूप में पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही तेलंगाना के 40 रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और पुनर्विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।
रेल मंत्री ने कहा कि भारत में विकसित वंदे भारत ट्रेनें दुनिया की बेहतरीन ट्रेनों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में तेलंगाना में वंदे भारत की पांच सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा की सुविधा मिल रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना में चार इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी दी है। साथ ही देश में स्वीकृत तीन सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजनाओं में से एक इकाई में उत्पादन भी शुरू हो चुका है, जो भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्र सरकार ने देशभर में सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इनमें से तीन कॉरिडोर तेलंगाना से जुड़े हैं, जिनके माध्यम से हैदराबाद को चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई से हाई-स्पीड रेल नेटवर्क द्वारा जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना का परिचालन अगले वर्ष शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। उनके अनुसार हाई-स्पीड रेल परियोजनाएं देश के परिवहन क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत करेंगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।











