राजगढ़, 11 जुलाई।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चारपुरा में हरियाली महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को प्रदेश के मत्स्य एवं मछुआ कल्याण राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार ने लवकुश मंदिर परिसर और शासकीय प्राथमिक विद्यालय में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों के साथ पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
मंत्री पंवार ने कहा कि चारपुरा के लोग प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक हैं और यही सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पीपल, बरगद, नीम और तुलसी जैसे वृक्ष पूजनीय माने जाते हैं और ये पर्यावरण संरक्षण के साथ हमारी आस्था के भी प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि अंधाधुंध वृक्षों की कटाई, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन से पर्यावरण का संतुलन प्रभावित हो रहा है। साथ ही खेती में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी की उर्वरता, जल की गुणवत्ता और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने किसानों से जैविक खेती और प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह करते हुए गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत और घनजीवामृत जैसे प्राकृतिक विकल्पों के उपयोग पर बल दिया। मंत्री पंवार ने प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल परिवार के सदस्य की तरह करे। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति हर वर्ष एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करे तो क्षेत्र को हरित, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिलवर यादव, मंडल अध्यक्ष कल्याण गुर्जर, मोहन कुशवाह, पवन कुशवाह, एसडीएम सुशील कुमार सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।











