भुवनेश्वर, 11 जुलाई।
ओडिशा सरकार ने राज्य भर में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों (जीआरएस) के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। पंचायती राज एवं पेयजल विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों और जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ऐसे सभी जीआरएस का ब्यौरा तैयार करें, जिन्होंने अपनी सेवा के पांच वर्ष या उससे अधिक का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। विभाग ने इस डाटाबेस को तैयार करने के लिए 15 दिनों की सख्त समयसीमा निर्धारित की है।
अवर सचिव नमिता साहू द्वारा 10 जुलाई को जारी किए गए आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह जानकारी नीतिगत निर्णयों के लिए बेहद आवश्यक है। जिला प्रशासनों को निर्देश दिया गया है कि वे पात्र कर्मियों की नियुक्ति तिथि, वर्तमान कार्यस्थल, कार्य अवधि और सेवा की स्थिति सहित अन्य तमाम विवरण निर्धारित प्रारूप में विभाग को सौंपें। इस समेकित सूची से सरकार को प्रशासनिक कामकाज और भविष्य की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
शासन का मानना है कि इस डेटा का संकलन भविष्य के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा। पूर्व में अकाउंटेंट-कम-डाटा एंट्री ऑपरेटर (एडीईओ) के पदों पर समायोजन के प्रस्तावों के समय भी इस तरह की जानकारी मंगवाई गई थी। राज्य सरकार अब इसे और अधिक व्यवस्थित करना चाहती है ताकि नीतिगत समीक्षाओं में किसी प्रकार की देरी न हो।
सभी जिला प्रमुखों को यह भी चेताया गया है कि निर्धारित समय के भीतर यह अद्यतन विवरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य न केवल प्रशासनिक कामकाज को सुगम बनाना है, बल्कि विभिन्न प्राधिकरणों को सटीक आंकड़े उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी पारदर्शी और तेज करना है। राज्य स्तर पर तैयार होने वाला यह व्यापक विवरण ग्राम रोजगार सेवकों के हित में भविष्य के नीतिगत फैसलों का आधार बनेगा।











