इंदौर, 11 जुलाई।
मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार को आयोजित ‘माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ के तहत "खेल एवं स्वास्थ्य" विषयक कार्यशाला में युवाओं ने खेल, स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण से जुड़े व्यवहारिक एवं क्रियान्वयन योग्य सुझाव दिए। इन सुझावों के आधार पर राज्य सरकार ‘मध्य प्रदेश युवा संकल्प-2026’ तैयार करेगी, जो वर्ष 2047 के विकसित मध्य प्रदेश के लिए विजन डॉक्यूमेंट का आधार बनेगा।
कार्यशाला में फिट इंडिया अभियान, खेल अधोसंरचना, युवा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य, खेल संस्कृति, स्वास्थ्य सेवाओं और युवाओं की सहभागिता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों से खेल अधोसंरचना के विस्तार, "एक जिला-एक खेल" की अवधारणा, विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रशिक्षकों की उपलब्धता, प्रतिभाओं की पहचान, खेल मनोविज्ञान, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और स्थानीय प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने संबंधी सुझाव आमंत्रित किए गए।
स्वास्थ्य संबंधी सत्र में मानसिक स्वास्थ्य, टेली-मानस हेल्पलाइन, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण, स्वैच्छिक रक्तदान, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं, एबीएचए आईडी, टेलीमेडिसिन और नशामुक्त जीवनशैली जैसे विषयों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इन क्षेत्रों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय स्नूकर एवं बिलियर्ड खिलाड़ी और विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित अमी कमानी ने कहा कि खेलों में सफलता के लिए अनुशासन, धैर्य, निरंतर अभ्यास, परिवार और प्रशिक्षकों का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास संभव है, इसलिए युवाओं को नियमित रूप से खेल गतिविधियों से जुड़ना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं मनोचिकित्सक डॉ. बलराम पाटीदार ने तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों और जागरूकता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने टेली-मानस हेल्पलाइन 14416, ‘मनहित’ ऐप और जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध परामर्श सेवाओं का लाभ लेने की अपील की।
कार्यशाला में शासकीय न्यू लॉ कॉलेज की स्पोर्ट्स टीचर डॉ. भावना यादव ने खेल एवं युवक कल्याण विभाग की योजनाओं, फिट इंडिया अभियान, खेल अधोसंरचना और खेलों में करियर की संभावनाओं पर मार्गदर्शन दिया। प्रतिभागियों को एचआईवी संक्रमण की रोकथाम और जागरूकता से संबंधित जानकारी भी दी गई।
संवाद सत्र में युवाओं ने डिजिटल हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल एडिक्शन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यशाला के अंत में युवाओं के सुझावों का प्रारूप तैयार किया गया, जिसे संकलित कर ‘मध्य प्रदेश युवा संकल्प-2026’ के रूप में विकसित किया जाएगा।











