रायपुर, 15 जुलाई।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते कई कांग्रेसी विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया।
कांग्रेस ने इस ध्वस्तीकरण को मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करार दिया। विपक्षी नेताओं का कहना था कि यह बुलडोजर कल्चर प्रदेश के लिए घातक है और गरीब परिवारों को बिना किसी ठोस आधार के बेघर किया गया है।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पूरी कार्रवाई संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अंजाम दी गई है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि संबंधित अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे और अदालती आदेशों के पालन के बाद ही यह कदम उठाया गया।
सदन में स्थगन प्रस्ताव की मांग को लेकर विपक्ष का रुख आक्रामक रहा। जब स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने प्रस्ताव अस्वीकार किया, तो आक्रोशित कांग्रेसी विधायक गर्भगृह में घुस आए और नारेबाजी शुरू कर दी।
हंगामे के बाद स्पीकर ने अनुशासनहीनता के चलते नारेबाजी कर रहे सभी कांग्रेसी विधायकों को निलंबित कर दिया। इस घटना से सदन की कार्यवाही काफी देर तक प्रभावित रही और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली















