अटलांटा, 15 जुलाई।
फीफा विश्व कप 2026 के हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल से पहले इंग्लैंड की टीम ने मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की कोशिश की है। डिफेंडर मार्क गुएही ने दो टूक कहा है कि खिताब बचाने का असली दबाव मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना पर है, न कि इंग्लैंड पर।
गुएही ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि उनकी टीम बिना किसी अतिरिक्त दबाव के मैदान में उतरेगी। उनके अनुसार, गत विजेता होने के नाते अर्जेंटीना के लिए हर मैच प्रतिष्ठा का प्रश्न है, जो उन्हें अधिक सतर्क रहने को मजबूर करता है।
दूसरी ओर, दोनों देशों के बीच पुरानी प्रतिद्वंद्विता और ऐतिहासिक विवादों की चर्चाओं के बीच डिफेंडर एजरी कोन्सा ने खिलाड़ियों को सचेत किया है। कोन्सा ने कहा कि टीम को अतीत के विवादों या भावनाओं में बहने के बजाय सिर्फ अपने खेल पर पूरी तरह केंद्रित रहने की आवश्यकता है।
टीम की एकजुटता पर बात करते हुए कोन्सा ने बाहरी आलोचनाओं को खारिज किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे बड़े टूर्नामेंटों में मानसिक मजबूती ही जीत का आधार बनती है, और उनकी टीम इन विकर्षणों को नजरअंदाज करना बखूबी जानती है।
अब इंग्लैंड के सामने सबसे बड़ी चुनौती लियोनेल मेसी को रोकने की है। गुएही ने मेसी को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी माना, लेकिन साथ ही आगाह किया कि अर्जेंटीना सिर्फ एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। इंग्लैंड 1966 के बाद पहली बार फाइनल में जगह बनाने के इरादे से उतरेगा।















