रायपुर, 15 जुलाई।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन विपक्ष ने ब्लैक लिस्टेड दवाइयों की आपूर्ति का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस विधायकों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और विधायक अटल श्रीवास्तव ने मेसर्स यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड से घटिया दवाओं की खरीद का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि गुजरात में प्रतिबंधित कंपनी की दवाएं छत्तीसगढ़ में क्यों खरीदी जा रही हैं।
विपक्ष ने इस मामले में प्री-टेस्टिंग की व्यवस्था न होने पर भी सवाल दागे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन को बताया कि दवा निगम के मौजूदा नियमों के तहत पहले टेस्ट नहीं होता, बल्कि खेप आने के बाद लैब में जांच की जाती है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि गुजरात द्वारा प्रतिबंधित एस्पिरिन टैबलेट और छत्तीसगढ़ में आपूर्ति के लिए स्वीकृत टैबलेट अलग-अलग हैं। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर कंपनी के अनुबंध और क्रय आदेशों को निरस्त कर दिया गया है।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि जनहित में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या समिति दोषी पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।















