रांची, 15 जुलाई।
झारखंड उच्च न्यायालय ने ठेकेदार के तीन साल से लंबित भुगतान के मामले में राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति अनंदा सेन की एकल पीठ ने साफ निर्देश दिए हैं कि अगले दो सप्ताह के भीतर बकाया धनराशि का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
मामला बोकारो में सोलर सिंचाई योजना के तहत किए गए कार्यों से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि काम पूरा होने के बावजूद सरकारी उदासीनता के कारण उसे भुगतान के लिए तीन साल तक भटकना पड़ा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के बीच किसी भी प्रकार के वित्तीय विवाद का खामियाजा ठेकेदार को नहीं भुगतना चाहिए। अदालत ने सरकार को नसीहत दी कि उपहार बांटने से पहले अपने वित्तीय दायित्व पूरे करने पर ध्यान देना जरूरी है।
राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि यह योजना केंद्र के अनुदान पर आधारित थी और फंड की कमी के कारण भुगतान में देरी हुई। लेकिन अदालत ने इसे सिरे से खारिज करते हुए अनुपालन रिपोर्ट तलब की है।
इस पूरे मामले की अगली सुनवाई अब 6 अगस्त को तय की गई है। कोर्ट ने महाधिवक्ता को भी निर्देश दिया है कि पूर्ण हो चुके सरकारी कार्यों के भुगतान के लिए सभी विभागों में समन्वय स्थापित किया जाए ताकि किसी के संवैधानिक अधिकारों का हनन न हो।















